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साहित्य में जीवन का सार

mukesh Kumar Modimukesh Kumar Modi October 10, 2022
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*साहित्य में जीवन का सार*


साहित्य के साए में, पूरी होगी खुद की तलाश

अपनी अन्तर्चेतना का, होगा खुद को आभास


मार्ग मिलेगा खुद को, नए विचार पर चलने का

पवित्र दृष्टि से अपने ही, जीवन को बदलने का


अज्ञान अंधकार मिटाएगा, साहित्य का प्रकाश

केवल साहित्य से ही होगा, समाज का विकास


एक ही रचना का दीपक, करेगा पथ को रोशन

मन में नव रचनाओं का, खिल जाएगा गुलशन


चरित्र का चित्रण केवल, साहित्य से हो पाएगा

सच्चा आनन्द केवल, साहित्य से मिल पाएगा


साहित्यकार ही करता, समाज का अनुसन्धान

अनेक समस्याओं का, वही बतलाता समाधान


हमारी संस्कृति की रक्षा, शुद्ध साहित्य से होती

मानवता भी चैन से, साहित्य की गोद में सोती


साहित्य करता संसार में, दिव्य ज्ञान का प्रसार

केवल साहित्य में देखो, अपने जीवन का सार


*ॐ शांति*


*मुकेश कुमार मोदी, बीकानेर*

*मोबाइल नम्बर 9460641092*

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