मेरा प्रेम!'s image
Poetry1 min read

मेरा प्रेम!

Bina KapurBina Kapur April 30, 2022
Share1 Bookmarks 21 Reads2 Likes
 लोग प्रेम करते हैं!!
मैं प्रेम जीती हूँ...
मेरा प्रेम तुम्हारी
सही-ग़लत की
परिभाषाओं से परे है,
असीमित है, अवर्णनीय है
किसी भी डर, संकोच
और बनावट के आवरण से
आजाद है मेरा प्रेम!
और समझ के दायरे से बाहर!
#bina

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts