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प्यार वाली आग

Bharat SinghBharat Singh July 15, 2022
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सामने जब आई थी तुम पहली बार

पलके भी जब तुमने प्यार से झपकाई थी

दी थी प्यार वाली स्माइल तुमने

झप्पी भी तुमने कस के लगाई थी

लगा दी प्यार वाली आग तुमने

जलना है मुझे अब प्यार वाली आग में


छत पर जब तुम बाल सुखाने आती हो

सर को जब तुम गोल-गोल घूमाती हो

बालों को जब तुम हवा में लहराती हो

टॉवल भी जब तुम लाल वाला लाती हो

कसम से तुम मुझे

प्यार वाली आग में झुलसा जाती हो


जींस टॉप पहन कर जब तुम कॉलेज जाती हो

घूम कर जब तुम मेरी तरफ देखती हो

कसम से प्यार वाले आग में तुम पेट्रोल डाल जाती हो

कौन सा तुम यह मुझसे बदला लेती हो

प्यार वाली आग में मुझे क्यों जलाती हो?

समझ गया मैं तुम्हारे इस हुनर को

तुम मेरी सुनार हो इसलिए तुम मुझे

प्यार वाली आग में जला कर

अपने लिए मुझे सोना बना रही हो


फ्लाइंग किस जब तुमने पहली बार दिया था

लगा दी प्यार वाली आग तुमने

जलना है मुझे अब प्यार वाली आग में

तुम ही बुझा सकती हो लगाई अपनी इस आग को

लिपट जाओ मेरे सीने से तुम बरस जाओ बारिश बनके

भीग जाना चाहता हूं मैं तुम्हारी प्यार वाली बारिश में

भीग जाना चाहता हूं मैं तुम्हारी प्यार वाली बारिश में


~ भरत सिंह





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