कविता मेरी प्रियसी 'शायरी संग्रह-2''s image
Poetry2 min read

कविता मेरी प्रियसी 'शायरी संग्रह-2'

Bharat SinghBharat Singh July 5, 2022
Share0 Bookmarks 172 Reads1 Likes

"जब तुम्हारे प्यार में मैं तड़पता हूं

तब कहीं जाकर मैं शायरी लिख पाता हूं"


"आज रात मैं तुम्हारे प्यार में तड़पा था

सुबह उठा तो सब लोग मुझे शायर बोल रहे थे!"

              

"आज उसकी तस्वीर सामने आ गई

आज फिर मुझे शायरी याद आ गई "


"आई लव यू बोल दे पगली

बना ले अपने शायर को अपना हमसफ़र "


"तुम्हारे प्यार में मैं लिखता नहीं तो पागल हो जाता

 या तुम्हारे प्यार में पागल हूं इसलिए लिखता हूं "

                 

 "मैं जिसके लिए लिखता हूं 

       वह पढ़ती नहीं मेरा लिखा हुआ 

वह सिर्फ सुनती है  

       मेरी आत्मा की आवाज"

        

"उदास मत हो पगली 

      मेरी बाहों में आकर देख 

दुनिया कितनी हसीन है "

      

"देखो मेरी आंखों में 

    तुम ही नजर आ रही हो 

महसूस कर मेरी धड़कन 

    तुम ही धड़क रही हो"

   

"तुम जैसी हो वैसी ही 

       मुझे स्वीकार हो

मुझे तो सिर्फ तुम ही चाहो 

       मुझे तो सिर्फ तुम ही चाहो"

       

"तुम पर मुझे मेरा हक दे दो

      अपने होठों का किस दे दो"

             

"सब प्यार कर कर होते बदनाम

       मेरा प्यार सच्चा मैं हो गया महान"

             

"सौंप दे पगली अपने आपको मुझे

मेरे लिए ही ईश्वर ने बनाया है तुझे।"

 

"हे भगवान बचा ले मुझको

       दे दो मेरा प्यार मुझको"

         

"स्त्री पूर्ण समर्पण चाहती है

जो उसके लिए पूरी तरह समर्पित हो

वह उसी की हो जाती है"

~ भरत सिंह

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts