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दुनिया एक अजूबा है

Bechain SinghBechain Singh December 6, 2022
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दुनिया एक अजूबा है, 

जो तैरा वही डूबा है, 


किनारे बैठे देखें तमाशा, 

मदद करे न कोई जरा सा, 


काम बिगड़ते सब बने ज्ञानी, 

बिगड़ा काम मेरी बात न मानी,


खुद को भले कुछ न आए, 

गलती दूजे की मन भाए, 


टांग खींचते सब दूजे की, 

मुझसे आगे निकल न जाए|


"बेचैन"

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