रंगोत्सव's image
हाँथों में ग़ुलाल भी अधूरा है,
जो न रंग पाए वो गाल भी अधूरा है,
आँखों के पानी में घोलकर अधरों का ग़ुलाबी रंग,
नशे से चढ़ता है, इश्क़ का ख़ुमार अधूरा है, व्यापार अधूरा है।

#क़लम✍

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