शिकायत's image
Share0 Bookmarks 49 Reads0 Likes

दिल की आवाज़ तुम तक

पहुंचती तो कैसे

तुमने ख़ुद को घेरे रखा

इस ज़माने से

एक हम थे पागल न डरे कभी

चोट खाने से

तुमको

आज़माने से

_अशरफ फ़ानी







No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts