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HoliPoetry1 min read

फौजी की होली

Ashish GomberAshish Gomber March 20, 2022
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आया है फिर वो त्यौहार,

जब रंगों की होगी बहार,

अपनों से मिलने को है दिल बेकरार,

करना है उन पर प्यार न्यौछार,

वो माँ जिसे है मेरा इंतज़ार,

वो पिता जिसकी चुप्पी में है प्यार,

वो पत्नी जिसका दिल है बेकरार,

वो बच्चे जिनसे मिलता है जीवन का सार,

खेलूँ रंगों की होली उनके संग एक बार,

सरहद की होली के लिए तो मैं सदा तय्यार

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