फूल-एक रहस्य's image
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जाने कितने को
अरहस्य किया
कभी किताब में
कभी नमाज में
तो कभी जनाज़े पर
भी अपना 
असर दिखाया
ताजूब की बात
यह है
चेहरे बदलते गए
फूल नहीं
आगज़ से अंजाम तक
जो साथ निभाएं
अंत समय वही मिट्टी में मिल जाए


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