दिखावे की दुनिया's image
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दिखावे की दुनिया का 
एक उसूल है
हम सब को 
जो क़ुबूल है
सच बेनक़ब करना 
जैसा दूशवार है
झूठ का डंका
बारंबार है
कुछ अजनबी करीब और
करीबी अंजान है
एक चेहरे पर
कई चेहरे
और सबकी अलग 
पहचान है
निश्चित यह भी है
बदलो की घनघोर चादर ऑर्ड
वही दिनकर का प्रकाश है
जिसमे ना कोई फरेब ना ही छुपा राज है


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