tum yu hi roz hasoge kya?'s image
Share0 Bookmarks 23 Reads1 Likes

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ हसोगे क्य?

मेरे आँख से जब आंसू गिरे

तो उन आंसुओं को देखोगे क्या?

 

तुम, तुम, तुम, तुम सब से

दोस्ती कर, बात करने की आरज़ू है

पर तुम भी अपने किस्से बताओगे क्या?

मिझे भी दूसरों की तरह मन करता ह बेफिक्र होने का

ख्वाहिश है की बताऊँ इस जहाँ को अपनी कला का

पर, तुम भी इस बात को नज़रअंदाज़ करोगे क्?

लोगो को साथ देख, पुराने घाव क्यों खुल से जाते है

तुम भी मुझे उन घावों का स्वाद दोगे क्या?

 

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ हसोगे क्या

 

खुद पे भरोसा कुछ उठ सा गया है

दर लगता है उचायों से अब मुझे

उचा देखना कुछ हैसियत से आगे लगता है

इस दर को भागने मैं मेरा साथ दोगे क्या?

एक हिम्मत की कमी है मुझमे

मुझे, उस आसमान को घूरने का जज़्बा दोगे क्य?

 

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ हसोगे क्या

 

वो कितनी सुन्दर है

यह जानती हु मैं

पर मेरी खूबसूरती का भी बखान, तुम करोगे क्या?

खुद का चेहरा देखना भी पसंद नहीं अब

तुम मेरे इस अक्स को रोज़ निहारोगे क्य?

 

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ हसोगे क्या

 

यह कदम रुक से जाते है तुम्हारे पास जाते हुए

हिम्मत करके तुम मेरी तरफ कदम बढ़ाओगे क्य?

साथ बैठकर मुझसे दिल की बातें भी कर लेना तुम

मेरी ख़ामोशी को गलत न समझना तुम

मेरी इस जिस्म मैं बसी रूह की आवाज़

सुनने की कोशिश करोगे क्या?

 

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ होसगे क्य?

 

तुमसे इतनी उम्मीद रखना गलत है क्या?

दुसरो की तरह तुम भी मुझे निराश करोगे क्या ?

अपने मंज़िल को पाने की चाह है मुझमे

इस मुसाफिर को इसकी राह दिखाओगे क्या?

 

जब मैं यु गिरु तो

तुम यु ही रोज़ हसोगे क्या?

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts