चाल's image
Share0 Bookmarks 6 Reads1 Likes

हर चाल पे उसकी मात खाते रहे,

हरा सकते थे उसको इक ही बाजी में,

मगर मजबूर दिल के हाथों में थे इतने,

कि बस हर दफा उसको जिताते रहे ...

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts