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वो थोड़े कम हैं - अनिरुद्ध

Ani KaprekarAni Kaprekar April 13, 2022
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वो थोड़े कम हैं

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बिन पुछे सँभालने वाले 

लाख मिलेंगे दुनिया में

कभी गिरने में ही समझदारी

इस राज़ को जानने वाले


वो थोड़े कम हैं


जाने बिन कुछ राय वाले 

लाख मिलेंगे दुनिया में

चुपके से बस सुनने वाले

और सुनाओ कहने वाले


वो थोड़े कम हैं


अपना ही हाल बताने वाले 

लाख मिलेंगे दुनिया में

मेरी छोड़ो, अपनी सुनाओ

दिल से ये कहने वाले


वो थोड़े कम हैं


हर पल मंज़िल ढूँढ़ने वाले

लाख मिलेंगे दुनिया में

क्यों आज खो जाएँ,

ये ख़याल रखने वाले


वो थोड़े कम हैं


तेरा - मेरा करने वाले

लाख मिलेंगे दुनिया में

ख़ाल-हाथ आना-जाना

ये पक्का जानने वाले


वो थोड़े कम हैं


आन बान शान वाले

लाख मिलेंगे दुनिया में

सावन, घटा, पंछी, बादल

ये दौलत जानने वाले


वो थोड़े कम हैं


कदम - कदम सोचने वाले

लाख मिलेंगे दुनिया में

जो होगा, जैसा होगा

हर लम्हा पूरा जीने वाले,


वो थोड़े कम हैं ….


-अनिरुद्ध 

2nd Apr 2022

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