हमारी दुनिया's image
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ये घने बादलों से घिरी दुनिया
हर क्षण बदलती दुनिया

दर दर की ठोकरें खाती उम्मीदें
उन उम्मीदों को तोड़ती ये नादान दुनिया

तिखें आंच पे पकें सपनें
उन सपनों के पीछे कुछ अपने
तरबतर इरादों के कमजोर वादें
अपने ही वादों को घायल करती दुनिया

तंगदिली से परेशान ख्वाइश
उन ख्वाइशों को सोखती अल्हड़ जवानी
ख़ून की गर्मी से कांपते दुश्मन
और हमारी दुश्मनी से हैरान दुनिया

जरा सी बातों को तवज्जो देते है
हमारी ऊंची उड़ान से वो रो देते है
अदभुत कलाओं से परिपूर्ण शागिर्द हमारे
इन शागिर्दों की मेहमान हमारी दुनिया..

~अमन

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