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ढूंढ रहे हैं

Aman Pratap SinghAman Pratap Singh July 24, 2022
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है दफ़न ज़िंदगी कही बंजर जमीं में
मौत लोग सड़कों पे ढूंढ रहे हैं...

दबे पांव किस्मत बुला रही है
मगर साहेब मेहनत ढूंढ रहे हैं...

है तनख्वाह खातों में पड़ी
कमरों में नोट ढूंढ रहे हैं 

किस्मत करवटें लेंगी मगर
घर के लोग सफलता ढूंढ रहे हैं 

आना जाना है बहुतों का है उनके दिल में
हम उस सरकारी दिल में, ईमानदार हाकिम ढूंढ रहे हैं..

~अमन

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