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अपनी जुल्फो को संभाल कर रखो ?

SHAHAALAMSHAHAALAM April 17, 2022
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अपनी जुल्फो को सभला कर रखो ।
इन से कत्ल न हो मेरा  
ये उलझती बहुत जब देखू हुस्न तेरा । 
चलो माना ।
ये रेशमी जुल्फे हसीन है 
महजबीन हैं
लेकिन इन को ये तो हक नहीं ।
जो खेले जज्बात से हमारे ।
जो तेरे रूखशर की तरफ करे रुख हम अपना 
जैसे चांद पर हो घने बादलों का घेरा ।
ढाप लेती है ऐसे ये तेरा चेहरा ।
आखिर बताओ शिकायत क्या है 
इनको मुझसे ।
जो करने नहीं देती दीदार भी तेरा ।
मुझे लगता था ये हवा के साथ बेहकती है।
लेकिन में गलत था 
ये बीन हवा के लहराती है 
आए जो सामने कोई कत्ल कर जाति है

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