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 मैं बस इतना चाहता हूं कि

मैं रह जाऊं

मेरे शब्द रह जायें

मेरे भाव रह जायें

कुछ लोगों की स्मृतियों में

तब भी रहूं शेष कहीं

जब मैं नहीं रहूं।


जब उनकी स्मृतियां धुंधला जाएं ,

पर अंकित रहूं मैं

उनके जीवन पृष्ठ पर

किसी अदृश्य गहरे अक्षर,

किसी शब्द या किसी वाक्य की तरह

जिसका अर्थ मात्र उनका अंतस जानता हो।

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