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अधूरे ख्वाब

Akash YadavAkash Yadav December 2, 2022
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मैं लिखता हूं महज
खयाल दिल के,
तू कभी मिलने आए तो 
ये कविता में बदले,

एक अरसे से कुछ ख्वाब
अधूरे रखे हैं,
तू झाँके कभी आँखों में मेरी
तो ये मुकम्मल हो जाए..!!❤️

/ सफरनामा (Akku)

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