रौशनी's image
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ऐ रौशनी  तेरा
एहसान है बड़ा
तेरी वजह से मैंं
कभी तनहा नहीं रहा।

जब भी डरा मैं युहीं
छाया दिखा दिया
देकर मुझे संबल
खुद से मिला दिया।

आईने मे दे परावर्तन
क्या जादू दिखा दिया
मुझको हि मेरे आगे
लाकर खड़ा किया।

मुझको नहीं है मालूम
क्या आज है, क्या कल
पर इतना समझ गया हूँ
तू सत्य है अटल।

तुझमें है जो भी देखा
तुझसे है जो भी पाया
वो बात है सरल
वही आज है प्रबल।

मैं अदना सा आदमी
इक स्वार्थ साधता हूँ
इतनी सी बात लिख कर
अपने हाथ बाँधता हूँ।

अजय झा **चन्द्रम्**

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