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मुकम्मल मुस्तक़बिल

Abhinav SinghAbhinav Singh March 11, 2022
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अभी अधूरी ये गज़ल है
तेरी सोहबत से सफ़ल है
माज़ी जैसा भी हो मेरा
मुस्तक़बिल मुकम्मल है

- अभिनव

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