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तुम बिन ये जीवन!

Abhay DixitAbhay Dixit March 21, 2022
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में गीत बना गजल बना, गाया गया सिर्फ तेरे लिए
में ऐसी कहानी बना,जो सुनी सिर्फ जख्मों को भुलाने के लिए
में खत बना तो पढ़ा नहीं, मेरे हर अल्फाज को दबाया गय
में प्यार का तेरे दीपक बना,पर नफरत से  मुझे बुझाया गया
में आज हर सच्चे प्यार की, एक अनृत सी निशानी हूँ
तुम बिन ये जीवन,हर प्यार करने वालों की अधूरी कहानी हूँ।।

में धैर्य का एक रूप हुआ,पर कभी न धीरज से बांधा गया
कहानीमें जो पात्र रहा,असल जिंदगी मुझसे बो ही निभाया गया
मैंने में हमेशा सच ही कहा, लोगो को झूठ में मजा आता रहा
मेरे हिर्दय में तुम्हारी ही जगह रही,तुम्हें ही सदा में बुलाता रहा
कैसे गाउँ कैसे कहूँ, हर अल्फाज में तुम्हारी निशानी हूँ
तुम बिन ये जीवन हर प्यार करने वाले की अधूरी कहानी हूँ।।

तू हमेशा मेरे दिल की रानी रही,पर कभी में तेरा राजा न बना
हम दोनों साथ तो बहुत रहे,पर तू कभी सच्चा साथी न बना
में भाव में भी ऐसा भाव रहा ,जो बिन भाव ही बिका गया
मेरे शब्दों कोई कीमत रहीं नहीं, मेरे मौन को ही ख़रीदा गया 
तुम्हें में ही अब क्या दोष दूँ ,तुम्हारी हर बात की में नादानी हूँ
तुम बिन ये जीवन ,हर प्यार करने वाले की अधूरी कहानी हूँ।।
~अभय दीक्षित










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