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मेरी किस्मत को उसके बिना ही रहना मंजूर होता है

Abhay DixitAbhay Dixit January 2, 2022
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हर दिल में कोई एक खास सा चेहरा रहता है,
बात होती है अकेले में उससे पर बो न कुछ कहता है,
बो कभी दिल के बाहर न आ सके,
एक खास सा पहरा होता है।।

न जिया जाता उसके बिना,
न ही मरने मन होता है,
जब भी बात उसकी आती हैं,
तो सारे जमाने से लड़ जाने का मन होता है।।

न कभी उससे मिलना होता है,
हमेशा ही बिछड़ना होता है,
उसके बिना कैसे जिए अब हम,
ये सोचकर बहुत रोने का मन होता है।।

जब पूछता है कोई हाल हमसे,
न बताने का मन होता है ,
न ही छुपाने का मन होता है,
जब कोई कह दे पागल दीवाना मुझे,
उसके लिए पागल भी सुनने में फक्र महसूस होता है।।

जब कोई नई आवाज सुनाई देती है,
पहला चेहरा उसी का होता है,
पर मन यव सोचकर थाम जाता है,
बो कैसे आई होगी ,
उसका मन तो पाबंदियों में बंधा होता है।।

एक एक लम्हा बीत जाता है,
तब उसके बिना ही दिन रात होता है,
ऐसा लगता है की मेरी किस्मत को,
उसके बिना रहना मंजूर होता है।।
~अभय दीक्षित
#प्रेम

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