दोस्ती's image
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ये दोस्त होते ही कुछ ऐसे हैं ... 
लगते एक दम घर वालो जैसे हैं ।।

कुछ होते हैं जो इज्जत उतार ते हैं... 
मगर तुम टूट जाओ तो सबसे पहले संवारते हैं,, 
ये दोस्त होते ही कुछ ऐसे हैं.... 
लगते एक दम घर वालो जैसे हैं ।।

हम दुनिया में आते हैं, तो कई रिश्ते लाते हैं... 
मगर एक रिश्ता दोस्ती है, जिसे हम खुद बनाते हैं,, 
तभी तो ये रिश्ता इतना खास है...
जैसे हर घड़ी धूप में, छांव का अहसास है,, 
बहती लहरों को साहिल, ये दोस्त वैसे हैं... 
लगते एक दम घरवालों जैसे हैं ।।

मगर आज सच्चाई की दोस्ती... 
और दोस्ती में सच्चाई बहुत कम दिखती है,, 
आज दोस्ती कम चापलूसी ज्यादा बिकती है...
मगर मै खुशनसीब हूं मुझे कुछ खास यार मिले हैं,, 
जो बोरियत में हंसी, चिंता में खुशी... 
गलत काम में फटकार, पर फिर भी प्यार जैसे लगते हैं,,
ये दोस्त एक दम यार जैसे लगते हैं ।।

ये दोस्त होते ही कुछ ऐसे हैं...
लगते एक दम घरवालों जैसे हैं ।।

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