ऎ हवा|'s image
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रोया भी न जाय, हॅसा भी न जाय, ऎ हवा क्या तु भी देख हमें मुस्काये|                       गुलाबों की  कलियों में, गाँव की गलियों में, मिट्टी में सांस लिए, तु भी मन्द- मन्द लहराये, ऎ हवा क्या तु भी देख हमें मुस्काये |                 न हम तेरे रहे, न तु मेरा, मतलब की तलाश में , हम तुम्हें कोनो में ढूंढते जाये,       ऎ हवा क्या तु भी देख हमें मुस्काये|               ~ऑचल गुप्ता.

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