The School Of Poets

Recent Poetry

“ क्या तुम वापस लौट कर आओगी? ”

फिर याद आती है वो सुबह जिसमें तुम मेरे साथ थी मौसम की वो पहली पहली बरसात थी एक ही छाते के नीचे कभी मैं भीगा था और कभी तुम भीगी थी फिर काँपते...

Posted By Nitin Rawat | Leave a comment

Bhool Gaye

Posted By Kavishala | Leave a comment

Tum Khud Bhi To Kuch Ho-Sahil Mishra

ये जो रिश्तों का बोझ तुम लिए बैठे हो अपने हिस्से की खुशी को औरों को दिए बैठे हो शहर की भीड़ में कब तक भागते रहोगे खुद को हराकर कबतक दूसरों को जिताते...

Posted By Kavishala, Sahil Mishra | Tagged , , , , , , , , , , | Leave a comment

इश्क़-ए-अव्वल

यक़ीं मानो तुम ही हो मेरा इश्क़-ए-अव्वल, ये बचपन की कोई शरारत नहीं थी।

Posted By Aamir Nishati | Tagged , , | Leave a comment

निभानी है अपनी

  हमारी तुम्हारी कहानी है अपनी चलो दोस्ती तो निभानी है अपनी   जलाओ न ख़त जो हमने लिखा था यही प्यार की अब निशानी है अपनी   बढ़ाओ दिलों में न तुम द्वेष...

Posted By Neelu Choudhary | Tagged , , | Leave a comment

Dare to Dream

Dreams are the ways to reach your Goal. They carve your path and prepare your soul. For what you wish and want to achieve. Once you decide, do not Midway leave. Have in your...

Posted By Neha Dubey | Tagged , , | Leave a comment

हैरत

कोई हैरत नही तू बदल जाए पत्थर की मूरत भी पिघल जाए भावनाओ को ना यूँ समझ सका दिल पता ना ऐसे मचल जाए मेरे हालात मुझकों संभाले हुए दिल के पास अपने बुलाले...

Posted By Akib Javed | Tagged , , | Leave a comment

जाकी जैसी बोली, बा से बेसुई बोलिये।

जाकी जैसी बोली, बा से बेसुई बोलिये। जो तोसे तीखा ना बोले, बासे तीखा ना बोलिये।। जो मीठा तीखा बतियायेगा, तीखा पाछे पछतायेगा। तीखा छोड़ तीखे बोल फिर मीठा बतियायेगा।। पर मीठा तब तीखा...

Posted By Ajay Kishor | Tagged , , | Leave a comment

ये शहर नहीं मजबूरियों का बाज़ार है

ये शहर नहीं मजबूरियों का बाज़ार है हर शख्स को यहाँ बिकने का इंतजार है। जो मुहब्बत लिखती थी,इश्क कहती थी वो ही कलम तो अब महज़ तलवार है। कहाँ कोई अब अमन चैन...

Posted By nilabh Singh | Tagged , , | Leave a comment

आग के दरिया-सा दहकना छोड़ देता ये दिल !

काश इस कदर न आँखें मिलाई होती मुझसे एक रोज, तो तेरे पलभर के दीदार को तरसना छोड़ देता ये दिल ! काश न तेरे प्यार की खुशबू आई होती मेरी ओर, तो खिली...

Posted By Sachin A. Pandey | Tagged , , | Leave a comment

मुझे कोई पैगाम दे दे !

ऐ मेरी हुस्न-ए-मल्लिका, मुझे तू उल्फ़त का जाम दे दे, हसीन तो मिलते हैं कई राह-ए-ज़िंदगी में,मगर तुझे ही चाहूँ उम्रभर मैं, ऐसा मुझे कोई पैगाम दे दे !! हर दिन हो होली और...

Posted By Sachin A. Pandey | Tagged , , | Leave a comment

इस शहर में तो सारे ही हैं अब अंजान से

इस शहर में तो सारे ही हैं अब अंजान से कहाँ आती है रोशनी घर के रोशनदान से। मेजबान हुआ करते थे जो महफिल में जो मुफलिसी आयी तो हुए वो मेहमान से। जमीं...

Posted By nilabh Singh | Tagged , , | Leave a comment

“हमें बदनाम न करना”

चलो हम हार गए तुमसे मगर वो काम न करना टूटा हूँ खुद से हीं लेकिन हमें बदनाम न करना।। सुनाई मेरी बातों को तुम बस आम न करना फरिश्तों को सुनाकर तू हमें...

Posted By Abhishek Kaushik | Tagged , , | Leave a comment

परिधान मतलब का बुनने लगे

  दर्द हमने न दिल का सुनाया उन्हें दर्द उनको मिला खुद समझने लगे। एक दिन फिर मिले तन्हा-तन्हा दिखे देखते हमको वो भी सिसकने लगे॥ उनसे ताल्लुक तो कोई नहीं था मगर वो...

Posted By Zo Zo Sandeep Yadav | Tagged , , | Leave a comment

बचपन मेरा प्यारा बचपन अब बूढ़ा हो गया

बचपन था तो यारो में भी राजा था काग़ज़ के ही सही पर जहाज में भी चलाता था वो बर्फ का गोला दूध की कुल्फी यार बड़ी मस्त लगती थी 25 पैसे में पार्टीयां...

Posted By Dr. Kumar Vinod | Tagged , , | Leave a comment

Mahan Kavi (महान कवि)

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Faisal Khan
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