The School Of Poets

Recent Poetry

सफ़र

रास्ते मंज़िलों से मिलें ये ज़रूरी नहीं, हर सफ़र का सफ़र में मज़ा लीजिए।  

Posted By Pankaj Rawat | Tagged , , | Leave a comment

शहर में तो बस एक ही चर्चा है

शहर में तो बस एक ही चर्चा है अख़बार में छपा कुछ सच्चा है। थोड़ा सा तुझको पाने की खातिर हमने तो पूरा खुद को खर्चा है। कद ख़्वाहिशों का ऊँचा है उसका जो...

Posted By nilabh Singh | Tagged , , | Leave a comment

वो शाम

वो शाम का आलम, ढलते हुए सूरज का पैगाम वो आसमां की लालिमा, वो उभरता हुआ चांद, कुछ तो कहानी है उस सुनहरे आसमां की, उस कहानी में कहीं खो जानी हमारी भी जिंदगानी...

Posted By Reena Mishra | Tagged , , | Leave a comment

वसंत

सर्द भोर की लालिमा, चटख धूप खुशरंग चित्रकार रश्मिरथी, नभ साँझ रंगे बहुरंग । श्याम विहग का कूकना, गौरैयों का गान । मूक फुदकती गिलहरियां भ्रमरों का मधुपान । खेत में पकती बालियां, सरसों...

Posted By Ajay Chandel | Tagged , , | Leave a comment

तिश्नगी

दो दिन की ज़िन्दगी, करीब आने में गुज़ार दी अब जीना है मुझे, एक और ज़िन्दगी दे-दे   वस्ल की रात को गुज़र जाने की उजलत थी तेरी बाहों में हूँ अभी, थोड़ा  और...

Posted By Saurabh Chauhan | Tagged , , | Leave a comment

पत्थर दिल नहीं हूँ दिल पे पत्थर रखा है…

बेरुख़ी नहीं वक़्त ने बेबस इस क़दर रखा है आँखों से छलकने को है दर्द इतना भर रखा है काश मेरे दिल की हालत तू भी कभी समझे पत्थर दिल नहीं हूँ दिल पे...

Posted By Dr Ankur Gupta | Tagged , , | Leave a comment

दूर रहते हो याद तो आती होगी ना…

हमारी खुशियों का खज़ाना माँ से है, ऐ लोगों जन्नत में ठिकाना माँ से है !! जहाँ में मतलबी मोहब्बत का शोर है, मोहब्बत का असली पैमाना माँ से है !! आदर, सम्मान, इज़्ज़त...

Posted By Mohammad | Tagged , , | Leave a comment

सुबह-शाम

हर सुबह-शाम दिल तेरे लिए रोता है। तेरे पास होने का एहसास होता है। देखता हूँ जिधर आती है नज़र। तेरे एहसास में वो जादू है। तेरा नाम लुखता हूँ वो खुदा होता है।...

Posted By Ajay Kishor | Tagged , , | Leave a comment

कोई सपना तो हो

कोई अपना तो हो.. अपना भी कोई सपना तो हो… कोई साथी तो हो.. साथी भी कभी साथ तो हो… यू मुसकुराते ही कट जाए हर सफर… पर मुसकुराने की भी वजह तो हो…...

Posted By Pratibha Singh | Tagged , , | 2 Comments

बसन्तपञ्चमी

बसंत ऋतू का आगमन है, माँ शारदे को नमन है नव कोपलें और हैं लताएं, चहुँ ओर सृजन ही सृजन है माँ शारदा की आराधना है, और वीणा का वदन है आभास सुमधुर हो...

Posted By skjoshi | Tagged , , | Leave a comment

हम चौरे कै पसावन होई

हम चौरे कै पसावन होई, फूटी किस्मत के जगावन होई ।। रास्ते के धूल पै बादल के आंसू बनकै, हम धूल कै बुझावन होई। हम चौरे कै पसावन होई ।। जब केहू दुख में...

Posted By Manshoo Bhai | Tagged , , | Leave a comment

अब आदत नहीं होती…

कसरत सी हो गयी है तेरी याद की फ़ितरत फ़ुर्सत में करता हूँ अब आदत नहीं होती

Posted By Dr Ankur Gupta | Tagged , , | Leave a comment

ख़्वाहिशों ने कभी हिमाक़त नहीं की…..

धूप को सदा छिप कर ही देखा सहमा उजाला रात में रखा है ख़्वाहिशों ने कभी हिमाक़त नहीं की ज़रूरतों ने इन्हें औक़ात में रखा है तुझे परदे का शौक़ है तो मेरी क़लम...

Posted By Dr Ankur Gupta | Tagged , , | Leave a comment

मोहब्ब्त क्या है..

मोहब्बत का उसूल क्या है मेरी हकीक़त क्या है मुझमे दफ़न मेरी खामोसी क्या है जो तुझ तक ना पहोंचे मेरे दिल की धड़कन वो धड़कन ही क्या है बंद कमरे मैं घुटती इस...

Posted By Atul Pratap | Tagged , , | Leave a comment

ख़्वाहिश बेहिसाब लिखती है…

  ख़्वाहिश बे-हिसाब लिखती है, मेरे ख़तों के जवाब लिखती है !! वो नहीं लिखते तो क्या हुआ, ख़्वाहिश लाजवाब लिखती है !! गुल-फ़िशाँ से महकता चमन, क़बा-ए-गुल शबाब लिखती है !!  

Posted By Mohammad | Tagged , , | Leave a comment

Mahan Kavi (महान कवि)

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