प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं's image
1 min read

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं

Qateel ShifaiQateel Shifai
0 Bookmarks 41 Reads0 Likes

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं

बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी
एक मुद्दत से हमें उस ने सताया भी नहीं

रोज़ आता है दर-ए-दिल पे वो दस्तक देने
आज तक हमने जिसे पास बुलाया भी नहीं

सुन लिया कैसे ख़ुदा जाने ज़माने भर ने
वो फ़साना जो कभी हमने सुनाया भी नहीं

तुम तो शायर हो "क़तील" और वो इक आम सा शख़्स
उसने चाहा भी तुझे और जताया भी नहीं

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts