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मिले नया दम

Neelabh Ashk (Poet)Neelabh Ashk (Poet)
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नए साल की पहली सुबह तुम्हें क्या दूँ मैं ?
एक फूल अमन के लिए,
एक बन्दूक आज़ादी के लिए,
एक किताब संग-साथ के लिए ?
तुम्हारी आँखों के लिए नई चमक ?
तुम्हारे ख़ून के लिए नई गरमी,
तुम्हारे प्रेम के लिए नई नरमी,
दिल के लिए नई आशा, संघर्ष के लिए नई भाषा ?
नए वर्ष में दूर हों ग़म,

नए वर्ष में मिटें सितम,
नए वर्ष में दुख हों कम,
सिर झुकें नहीं, बाँहें थकें नहीं,
टूटें सभी बेड़ियाँ, मिले नया दम ।

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