दिल ले के हसीनों ने ये दस्तूर निकाला's image
1 min read

दिल ले के हसीनों ने ये दस्तूर निकाला

Muztar KhairabadiMuztar Khairabadi
0 Bookmarks 35 Reads0 Likes

दिल ले के हसीनों ने ये दस्तूर निकाला

दिल जिस का लिया उस को बहुत दूर निकाला

ज़ाहिद को किसी और की बातें नहीं आतीं

आया तो वही तज़किरा-ए-हूर निकाला

दुश्मन को अयादत के लिए यार ने भेजा

अच्छा ये इलाज-ए-दिल-ए-रंजूर निकाला

ऐ तीर-ए-सितम चल तिरी दावत है मिरे घर

ज़ख़्म-ए-दिल-ए-नाशाद ने अंकूर निकाला

वो तज़्किरा-ए-ग़ैर पे झुँझला के ये बोले

फिर आप ने 'मुज़्तर' वही मज़कूर निकाला

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts