बेखुदी कहाँ ले गई हमको's image
1 min read

बेखुदी कहाँ ले गई हमको

Mir Taqi MirMir Taqi Mir
0 Bookmarks 125 Reads0 Likes

बेखुदी कहाँ ले गई हमको,

देर से इंतज़ार है अपना


रोते फिरते हैं सारी सारी रात,

अब यही रोज़गार है अपना


दे के दिल हम जो गए मजबूर,

इस मे क्या इख्तियार है अपना


कुछ नही हम मिसाल-ऐ- उनका लेक

शहर शहर इश्तिहार है अपना


जिसको तुम आसमान कहते हो,

सो दिलो का गुबार है अपना

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts