Teri Mitti's image
0 Bookmarks 24216 Reads7 Likes

सरहद पे जो वर्दी खाखी थी अब उसका रंग सफेद हुआ

नन्ही सी हँसी
भोली सी खुशी
फूलों सी वो बाहें भूल गये
जब देश ने दी आवाज़ हमें
हम घर की राहें भूल गये

हम सोए नहीं कई रातों से
आए जान-ए-वतन सौ चाँद बुझे
हमें नींद उसी दिन आएगी
जब देखेंगे आबाद तुझे

तेरी मिट्टी में मिल जावाँ
गुल बनके मैं खिल जावाँ
इतनी सी है दिल की आरज़ू

तेरी नदियों मे बह जावां
तेरे खेतों मे लहरावाँ
इतनी सी है दिल की आरज़ू

मजबूर हुई जब दिल की दुआ
तो हमने दवा से काम लिया
वो नब्ज़ नहीं फिर थमने दी
जिस नब्ज़ को हमने थाम लिया

बीमार है जो किस धर्म का है
हमसे ना कभी ये भेद हुआ
सरहद पे जो वर्दी खाखी थी
अब उसका रंग सफेद हुआ

तेरी मिट्टी मे मिल जावाँ
गुल बनके मैं खिल जावाँ
इतनी सी है दिल की आरज़ू

तेरी नदियों मे बह जावाँ
तेरे खेतों मे लहरावाँ
इतनी सी है दिल की आरज़ू

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts