आदमी का चेहरा's image
1 min read

आदमी का चेहरा

Kunwar NarayanKunwar Narayan
0 Bookmarks 29 Reads0 Likes

“कुली !” पुकारते ही

कोई मेरे अंदर चौंका ।

एक आदमी आकर खड़ा हो गया मेरे पास


सामान सिर पर लादे

मेरे स्वाभिमान से दस क़दम आगे

बढ़ने लगा वह

जो कितनी ही यात्राओं में

ढ़ो चुका था मेरा सामान


मैंने उसके चेहरे से उसे

कभी नहीं पहचाना

केवल उस नंबर से जाना

जो उसकी लाल कमीज़ पर टँका होता


आज जब अपना सामान ख़ुद उठाया

एक आदमी का चेहरा याद आया

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts