संतन को कहा's image
1 min read

संतन को कहा

KumbhandasKumbhandas
0 Bookmarks 210 Reads0 Likes

संतन को कहा सीकरी सों काम?
आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।।
जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।।
कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु, और सबै बेकाम।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts