तारों के तेज में चन्द्र छिपे नहीं's image
1 min read

तारों के तेज में चन्द्र छिपे नहीं

Kavi GangKavi Gang
0 Bookmarks 357 Reads0 Likes

तारों के तेज में चन्द्र छिपे नहीं
सूरज छिपे नहीं बादल छायो
चंचल नार के नैन छिपे नहीं
प्रीत छिपे नहीं पीठ दिखायो
रण पड़े राजपूत छिपे नहीं
दाता छिपे नहीं मंगन आयो
कवि गंग कहे सुनो शाह अकबर
कर्म छिपे नहीं भभूत लगायो।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts