प्रेतिनी पिसाच अरु निसाचर's image
1 min read

प्रेतिनी पिसाच अरु निसाचर

Kavi BhushanKavi Bhushan
0 Bookmarks 287 Reads0 Likes

प्रेतिनी पिसाच अरु निसाचर निशाचरहू,
मिलि मिलि आपुस में गावत बधाई हैं.

भैरो भूत-प्रेत भूरि भूधर भयंकर से,
जुत्थ जुत्थ जोगिनी जमात जुरि आई हैं.

किलकि किलकि के कुतूहल करति कलि,
डिम-डिम डमरू दिगम्बर बजाई हैं.

सिवा पूछें सिव सों समाज आजु कहाँ चली,
काहु पै सिवा नरेस भृकुटी चढ़ाई हैं.

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts