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आंखें खोलते ही

Hemant SheshHemant Shesh
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आंखें खोलते ही

जैसा मिला यह संसार
था संदिग्ध
जाना जितना अपर्याप्त, न जाने जितना
बन्द होने तक आंखें
वह जानने लायक है

यह सोचते हुए ही मैंने जाना
बस कुछ असंदिग्ध -
और थोड़ा सा अनजाना

 

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