लाठी में हैं गुण बहुत's image
1 min read

लाठी में हैं गुण बहुत

Giridhar KaviraiGiridhar Kavirai
0 Bookmarks 647 Reads0 Likes

लाठी में हैं गुण बहुत, सदा रखिये संग।
गहरि नदी, नाली जहाँ, तहाँ बचावै अंग।।

तहाँ बचावै अंग, झपटि कुत्ता कहँ मारे।
दुश्मन दावागीर होय, तिनहूँ को झारै।।

कह गिरिधर कविराय, सुनो हे दूर के बाठी।
सब हथियार छाँडि, हाथ महँ लीजै लाठी।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts