बीती ताहि बिसारि दे's image
1 min read

बीती ताहि बिसारि दे

Giridhar KaviraiGiridhar Kavirai
0 Bookmarks 298 Reads0 Likes

बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ।
जो बनि आवै सहज में, ताही में चित देइ॥

ताही में चित देइ, बात जोई बनि आवै।
दुर्जन हंसे न कोइ, चित्त मैं खता न पावै॥

कह 'गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती।
आगे को सुख समुझि, होइ बीती सो बीती॥

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts