देख उस को इक आह हम ने कर ली<'s image
1 min read

देख उस को इक आह हम ने कर ली<

Ghulam HamdaniGhulam Hamdani
0 Bookmarks 79 Reads0 Likes

देख उस को इक आह हम ने कर ली

हसरत से निगाह हम ने कर ली

क्या जाने कोई कि घर में बैठे

उस शोख़ से राह हम ने कर ली

बंदे पे न कर करम ज़ियादा

बस बस तिरी चाह हम ने कर ली

जब उस ने चलाई तेग़ हम पर

हाथों की पनाह हम ने कर ली

नख़वत से जो कोई पेश आया

कज अपनी कुलाह हम ने कर ली

ज़ुल्फ़-ओ-रुख़-ए-महवशाँ की दौलत

सैर-ए-शब-ए-माह हम ने कर ली

क्या देर है फिर ये अब्र-ए-रहमत

तख़्ती तो सियाह हम ने कर ली

दी ज़ब्त में जब कि 'मुसहफ़ी' जाँ

शर्म उस की गवाह हम ने कर ली

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts