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अच्छे मित्र

ChanakyaChanakya
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12) आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रुसण्कटे।
राजद्वारे श्मशाने च यात्तिष्ठति स बान्धवः।।

अच्छे मित्र वही है जो निम्नलिखित परिस्थितियों में भी साथ ना त्यागे -
1- जब हमें उसकी आवश्यकता हो,
2- कोइ दुर्घटना होने पर,
3- जब अकाल पड़ा हो,
4- जब युद्ध चल रहा हो,
5- जब हमे राजा के सामने दरबार मे जाना हो और
6- जब हमे समशान घाट जाना पड़ जाए।

 

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