सूरज की हर किरण तेरी सूरत पे वार दूँ's image
1 min read

सूरज की हर किरण तेरी सूरत पे वार दूँ

Abdul Hameed AdamAbdul Hameed Adam
0 Bookmarks 40 Reads0 Likes

सूरज की हर किरण तेरी सूरत पे वार दूँ
दोज़ख़ को चाहता हूँ कि जन्नत पे वार दूँ

इतनी सी है तसल्ली कि होगा मुक़ाबला
दिल क्या है जाँ भी अपनी क़यामत पे वार दूँ

इक ख़्वाब था जो देख लिया नीन्द में कभी
इक नीन्द है जो तेरी मुहब्बत पे वार दूँ

'अदम' हसीन नीन्द मिलेगी कहाँ मुझे
फिर क्यूँ न ज़िन्दगानी को तुर्बत पे वार दूँ

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts