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प्यार के फूल

YUGANSHU RAVIYUGANSHU RAVI April 5, 2022
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दिल! न जाने कब मिले !!

मिले तो मिले लेकिन दिल के फूल कैसे खिले !

बाहों में भरकर जब उसने कहा ,कितने जरूरी है हम उनके लिए !

तब ऐसा लगा कि फूल बड़े सुगन्धित खिले ,

दूर-दूर तक बिखेरी ऐसी खुशबू! मानो सोया हुआ दिल खिले !!!


-----युगांशु रवि ---

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