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वहीं पे है

yourshivamyourshivam June 16, 2020
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जिस जगह पे तुम,

मुझे छोड़ कर चली गयी थी,

मैं और मेरा इंतेज़ार,

आजतक वहीं पे है,


ज़िन्दगी ये बढ़ चली है

कितने बरस बीत गए,

फिर भी इश्क़ का खुमार,

आजतक वहीं पे है,


थक गयी है साँस मेरी,

राह ताक कर के तेरी,

रूह मेरी बेकरार,

आज तक वहीं पे है,


जो कभी तुमको सुनाने

लिख रखे थे डायरी में,

वो ग़ज़ल वो अशआर,

आजतक वहीं पे है।

~शिवम


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