यतीम's image
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सरहद के उस पार,

सपने हुए ज़ार ज़ार,

फ़ौलादी खून बह गया,

कोई ख़ामोश रह गया,

किसी को दर्द देकर!

किसी को खौफ़ देकर!

ज़िंदगी से ऐश लेकर!

कोई चैन की नींद सो गया!

झूठी बातों का वो पुल ढ़ह गया!

आपबीती में वो सब कह गया!

हुलास में अपने प्रचंड बह गया!

यतीम होने का ज़ख्म दे गया!

बहुतायत हैं उस बूझदिल को आराम!

चुनौती पर उसकी जो लग गया विराम!

खुदको अधीन बनाकर,

स्वाधीनता से बैर लेकर,

कोई सीना ताने बहक गया!

वो अपनी कब्र के सामने दहक गया!

इल्ज़ाम खुदपर सारे चाहे वो ले गया!

यतीम होने का ज़ख्म ताउम्र के लिए दे गया।



- यति




















"Faith is not the cause of the calamities that befall the world, it is oppression. The punishment for evil in faith is after death."


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