नया सफर's image
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बर्ताव में जो था हमारे सब्र,

उसी से जीवन को हमपर फक्र!

तुम्हारी खिली हुई तबस्सुम,

देख लज्जित हो रहे कुसुम,

जटिल समय बीत गया,

रम्य सफर रोमांचक एवं नया!

प्राप्त हमें सादगी में राहत और सुख,

वात्सल्य से प्राप्त आनंद हमारे सम्मुख!

भूल गए हम व्यथित करने वाला हर दुखड़ा,

कैफ़ियत हैं मिजाज़ में तभी दमके ये मुखड़ा,

मासूमियत को बरकरार रखते तुम्हारे नयन,

तुम सौंदर्य का आत्मीयता से करते चयन,

समय के फेर से कुछ क्षण व्याकुल हुए थे हम,

शिथिल थे ऊर्जा भी हुई थी हमारी कम,

किंतु चुनती शक्ति अगर हमें हो आगे बढ़ना,

सौहार्द और समभाव से हमें अगर इतिहास को गढ़ना,

चुनौतीपूर्ण परिस्थिति जब फिर जीवन में हो कभी,

हम ढूंढ लेंगे मिलकर मौज के कुदरती नुस्खे सभी।



- यति






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