नभ के पार's image
Share2 Bookmarks 92 Reads5 Likes

नभ के पार से मानो रौशनी आई,

अरुण के उदय का संकेत लाई,

आनंदमय प्रतीत होती सवेरे की पुरवाई,

गगन ने कुछ बूंदें प्रकृति पर यूं बरसाई,

मोतियों सी सुंदर बूंद दूब पर उभर कर आई,

फूलों को जल पान करके मानो चुस्ती आई,

पत्तियों की भी मानो हुई हो शुद्धि,

वाणी में माधुर्य आएं यूं मेरे की शीतल हो जाए विशुद्धि।



- यति


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts