माधुर्य's image
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अभिव्यक्ति में स्नेह भी संग,

बाध्य ना करते उनके ढंग!

ध्येय पर से चित्त ना होता भंग,

नटखट बालपन दर्शाता उमंग!

मेरे केशव का कोमल सा स्वभाव,

सिखलाया धीरज रखना चाहे हो आभाव,

राधा के प्रेम से पावन होता भीतर से मन,

मीरा न विचारें कितना अधिक था राजपाठ में धन!

कृष्ण का प्रेम प्रतीत होता आनंद का स्त्रोत,

निहारती उनके जगत को प्रेम से होकर ओत प्रोत!

ठहराव-बदलाव और वो सुख जो भौतिक,

जगत में व्याप्त नंदलाल की शक्ति अलौकिक!

बनकर मैं भी सार्थक माध्यम रहूं सक्रिय,

प्रयास करूं ऐसे जो हो प्रकृति को प्रिय,

कुरीतियों से ना हो जिज्ञासा कभी आश्वस्त,

कलाओं तथा विधाओं की श्रंखलाएं ना हो अस्त,

कृपालता , कीर्ति और कल्पना हो पोषित,

करुणा और कर्तव्य का भाव हो भीतर रोपित,

माधुर्य से मार्गदर्शन देते वो जीवन में प्रतिपल,

बतलाया सब्र का होता हमेशा मीठा फल!





- यति




Happy Janmashtami to you all!



More Love & Light!



May Krishna's Visionary leadership and his incredible affinity brings the best in you always!❤️


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