कमला's image
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रूप उनका सुनहरा,

केशों को अपने लहरा,

कल्पित कमल से,

प्रकाश पर अमल से!

वो धनतेरस के दिन आई,

स्वधर्म निभाने वालों की वो परछाई!

सशक्त समाज में उनका योगदान,

शक्ति तथा संपत्ति करती वो प्रदान,

जीवन रूपी तपोवन में प्रेम को वो लाएं,

नि:स्वार्थ सेवा का बीज मन में वो लगाएं,

हर रूष्ट व्यक्ति को एहसास करवाती,

कमल सी सहस्र पर कोंपल हो जाती,

कम न होता उनकी परिपूर्णता का प्रभाव,

जीवन में उनकी कृपा से स्थाई ना रहता कोई आभाव,

विनती हैं मेरी सबसे आस्था को जागृति से जोड़ों,

मौजूद हैं देखो विश्वास सहेजे धड़कते दिल करोड़ों!

अपनी दूरदर्शिता पर हम करें पूरा यकीन,

सर्वदा परिश्रम से होते स्वप्न और भी रंगीन!

सम्मलित कर हर धुन को गाएं सद्भावना के गीत,

बहुत रूहानी होती सत्संग वाली ये मनोरम रीत!

गर्मजोशी रहती व्याप्त चाहे हवाएं हो शीत,

आंतरिक आनंद संग कितना मधुर ये जीवन संगीत!


- यति













।। शुभ दीपावली ।।










श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।।

❤️



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