पत्थर's image
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मुझे छोड़कर के जा रही हो मैं जीना छोड़ दुंगा,

मैं एक पत्थर मारकर के ये चांद तोड़ दुंगा।


मेरा हाथ झटक के गई तु ये बात याद रखना,

कोई हाथ थाम लोगी मैं उसका गला मरोड़ दुंगा।


ये जो पहाड़ देखती हो, वो पहाड़ कुछ नहीं है,

मैं उन्हें उखाड़ कर के मैं उन्हें तोड़-फोड़ दुंगा।


ये दरिया बड़े-बड़े हैं उनकी औकात कुछ नहीं

मैं इन सभी को मीला दुंगा सभी को मोड़ दुंगा


ख़ुदा को बोल देना वो मेरे आस-पास ना आएं,

उसे इतने सवाल करुंगा मैं उसे ज़कजोड़ दुंगा।


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