कभी कभी's image
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हर दिल का मलाले- उल्फत रहते हैं कभी कभी,

वो दिलों से दिलों में हिजरत करते हैं कभी कभी,


अब मैं आज़ाद हो गया हूं उस ख्याले खुदखुशी से,

जिसे कुछ लोग रस्में मुहब्बत कहते हैं कभी कभी।


हमें तो भुला दिया गया है हम कुछ लोग हैं हशीयोंमें,

हम अब कहां साया ए हिक्मत होते हैं कभी कभी।


ना कोई निगहबानी और ना कोई रहनुमा मुन्नवर,

हम लोग हर सांसें जुर्रत जी जातें हैं कभी कभी।


नियाज़ी वो भी आरज़ू ए दौलत में दौड़ते हैं देखो,

जो उठाए हुए परचम ए गुरबत चलते हैं कभी कभी।


Vikram...




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