गुनाहगार's image
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सारे गुनाह सहते सहते, मैं ही गुनाहगार हो गया हूं

खुद को बेचा है मैंने खुद मैं ही बाजार हो गया हूं।


जबतक ज़रुरत थी मेरी मुझे बहुत इज़्ज़त दे रहे थे,

अब जब मेरी ज़रूरत नहीं है तो मैं बेकार हो गया हूं।


तुम मुझे कुछ कह रहे थे मैंने कुछ भी सुना नहीं है,

अब मैं किसी की सुनता नहीं हुं मैं दीवार हो गया हूं।


मैं जब आसान हुआ करता था बड़ा सीधा था आदमी मैं,

अब मैं खुद के बारे में सोचता हूं तो मैं दुश्वार हो गया हूं।


तुम सारे विसाल ओ ह़क लेलो सारा ही शफ़क लेलो,

मैं तो खुद ही रात हो गया हूं, मैं अब इंतज़ार हो गया हूं।


Vikram...



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